प्रकृति की ख़ूबसूरती हर जगह बिखरी हुई है, बस उसे देखने वाली नज़र चाहिए। मैक्रो फोटोग्राफी एक ऐसा जरूरी है जिसे हम उन छोटी-छोटी चीजों को भी देख सकते हैं जो आम तौर पर हमारी आंखों से ओझल हो जाती हैं। आज हम बात करेंगे ओस की बूंदें (ऊस की बूंदें) की फोटोग्राफी के बारे में।
1. सही समय का चुनाव (समय ही सब कुछ है)
ओस की बूंदों की फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतर समय सुबह-सवेरे का होता है। इस समय सूरज की किरणों में एक नरम एहसास होता है जो बूंदों को एक चमकदार सुनहरा लुक देता है।
2. कैमरा सेटिंग्स युक्तियाँ
- Aperture (f-stop): f/8 se f/11 के बीच रखें ताकि बूंद और उसके आस-पास का थोड़ा हिस्सा क्लियर दिखें।
- ISO: जितना हो सके कम रखें (ISO 100-200) ताकि फोटो साफ आए।
- Shutter Speed: मैक्रो शॉट्स में ऑटो-फोकस अक्सर धोखा दे जाता है, इसलिए मैनुअल फोकस का इस्तेमाल करें।
3. स्थिरता और तिपाई
मैक्रो फोटोग्राफी में हल्की सी हलचल भी फोटो को ब्लर कर सकती है। एक मजबूत तिपाई का इस्तिमाल करें या अपने हाथों को किसी जगह पर टिकाएं।
4. बैकग्राउंड का खेल
आपका बैकग्राउंड जितना सिंपल और 'ब्लर' (बोके) होगा, आपका सब्जेक्ट उतना ही उबर कर आएगा। हरे भरे पत्तों का बैकग्राउंड ओस की बूंदों के साथ बहुत प्यारा लगता है।
5. निष्कर्ष
फोटोग्राफी एक कला है जो प्रैक्टिस से आती है। अगली बार जब आप बगीचे मेंजायें, तो छोटी बूंदो में छुपे संसार को अपने लेंस में क़ैद करने कीकोशिश ज़रूर करें।


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